क्या दुनिया तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के लिए जल्दी बना पाएगी वैक्सीन

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कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली। इस समय देश और दुनिया कोरोना के संकट से गुजर रहे हैं। हर कोई इसकी वैक्सीन बनाने में जुटा हुआ है। दुनिया में कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर ट्रायल चल रहे हैं। सभी लोगों को इंतजार है कि जल्दी से जल्दी कोरोना की दवाई बनकर बाजार में आए। दुनियाभर में कुछ वैक्सीन इंसानी ट्रायल के अंतिम चरण में है। तो आइये जानते हैं कि दुनिया में कोरोना की वैक्सीन को लेकर क्या स्थिति है?

इस समय दुनियाभर में 100 से अधिक कोरोना वैक्सीन पर परीक्षण किया जा रहा है। ह्यूमन ट्रायल पर 19 वैक्सीन पहुंच चुकी है। इनमें सिर्फ 2 ही वैक्सीन अंतिम स्टेज पर पहुंच पाई है। पहली वैक्सीन चीन की साइनोफार्मा की वैक्सीन और दूसरी एस्ट्रोजेनेका – ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन।

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन

इस समय ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन सबसे आगे चल रही है। इसने पहला इंसानी परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। ब्राज़ील में किये गए ट्रायल में शामिल वोलेंटियर्स में कोरोना वायरस के खिलाफ इम्युनिटी विकसित हुई। ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन ChAdOx1 nCoV-19 पूरी तरह से सफल होने की कगार पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह वैक्सीन सितम्बर 2020 तक दुनिया भर में यह वैक्सीन मिलनी शुरू हो जाएगी।

भारत में भी दो वैक्सीन पर परीक्षण शुरू

भारत में दो कोरोना वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है। ये ट्रायल लैंब के अंदर चूहों, बंदरों और खरगोश पर सफल रहे हैं। अब इसका परीक्षण 13 बड़े चिकित्सा संस्थानो में इंसानों पर शरू हो चुका है। सब कुछ सही रहा तो इस वर्ष के अंत मे या 2021 के शुरूआत में कोरोना की भरतीय वैक्सीन आ जाएगी। देश मे भारत बायोटेक नाम की कम्पनी ने Covid-19 के खिलाफ कोरोफ्लू नाम की वैक्सीन तैयार किया है। इसका ट्रायल शुरू हो गया है।

रूस में वैक्सीन पर इंसानी परीक्षण अंतिम चरण में

रूस की सेशेनोव यूनिवर्सिटी में बनाई गई कोरोना की वैक्सीन पर इंसानी परीक्षण का अंतिम चरण है। रूस की इस वैक्सीन पर दुनिया को काफी उम्मीद है। क्योंकि ने बेहद गुपचुप तरीके से वैक्सीन का ट्रायल शुरू किया और सफलता का दावा भी कर रहा है।

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