शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बेहद कम ऊँचाई में उड़ रहे प्लेन, क्या है वज़ह जाने इस खबर में।

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आभा न्यूज़। इन दिनों शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद कम ऊँचाई में उड़ रहे प्लेन ग्रामीणों के लिए उत्सुकता का विषय बना हुआ है। दरअसल, यह प्लेन केंद्र सरकार के एक बड़े प्रोजेक्ट के तहत पिछले दो दिनों से सिरोही से लेकर गुजरात तक भू – सर्वेक्षण कर रहे हैं। यह सर्वे पूरे देश में खनिज मंत्रालय और भारतीय भू – सर्वेक्षण विभाग की ओर से करवाया जा रहा है। सिरोही, जालोर, पाली, बाड़मेर और गुजरात तक करीब 59 हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली अरावली पहाड़ी और वह जमीन में दबी हुई खनिज संपदा को तलाशने के लिए हवाई सर्वे शुरू किया है। सर्वे का काम न्यूजीलैंड की निजी कम्पनी कर रही है। तीन दिन पहले इसी सर्वे के लिए विशेष तीन हवाई जहाज यहां आये हैं। ये रोजाना सुबह 8 बजे हवाई पट्टी से उड़ान भरते हैं और 8 घण्टे के सर्वे के बाद शाम को हवाई पट्टी पर वापस आ जाते है।

सिरोही, जालोर, पाली, बाड़मेर और गुजरात बॉर्डर तक सर्वे

अधिकारियों के ने बताया कि इस सर्वे में सिरोही जिले से लेकर जालोर का सियाणा जहां ग्रेनाइट की अधिकता है। और सिरोही का आबूरोड और माउंट आबू क्षेत्र शामिल है। इसके अतिरिक्त जालोर से सटे बाड़मेर जिले के कुछ गांव भी शामिल है। यह पूरा क्षेत्र 59 हजार 11 वर्ग किलोमीटर है।

8 वैज्ञानिकों समेत 25 लोगों की टीम

सर्वे टीम में 8 वैज्ञानिक 25 इंजीनियर शामिल है। इनमें 5 वैज्ञानिक भारतीय तथा बाकी चेकोस्लोवाकिया से है। इसके अलावा 7 इंजीनियर और 9 से अधिक पायलट की टीम है।

अत्याधुनिक मशीनें, सेटेलाइट से जुड़े कैमरे

न्यूजीलैंड से आए तीन विशेष विमानों में एडवांस जीपीएस और स्पेक्ट्रोमेट्रिक मशीन लगी हुई है। ये लो हाइट पर उड़ान भरेंगे।इनमें सेटेलाइट से जुड़ी ऐसी मशीने है जो मिट्टी और पहाड़ी के नीचे क्या है उनकी फोटो और डाटा कलेक्ट करेगी। यदि यहां खनिज संपदा मिलने की उम्मीद जगी, तो दूसरे चरण में हेलीकॉप्टर से सर्वे किया जाएगा।

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