राजस्थान में फर्जी राशन कार्डों की जांच शुरू, 32 जिलों में हो रही जांच

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राजस्थान में फर्जी राशन कार्डों की जांच शुरू

जयपुर। सरकारी कर्मचारियों एवं राशन डीलर्स मिलकर राजस्थान में फर्जी नाम से गेंहू उठा रहे हैं। ऐसे कुछ मामले सामने आने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने पिछले पांच साल में बने 3 लाख 87 हजार 887 राशन कार्डों की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग के सचिव सिद्धार्थ महाजन ने जिला रसद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

जिला रसद अधिकारी विभाग के कर्मचारी एवं पुलिस के सहयोग से फर्जी राशन कार्डों की जांच में जुटे हुए हैं। सिद्धार्थ महाजन का कहना है कि बीते दिनों पहले एक मामला सामने आया, तो प्रारंभिक जांच के बाद ऐसे कई मामले सामने आए। इस पर करीब 4 लाख संदिग्ध राशन कार्ड की जांच शुरू की गई है। पिछले माह में प्रदेश के झुंझुनूं जिले में एक मामला सामने आया।

जांच में पता चला कि परिवार में 5 सदस्य हैं और राशन कार्ड में 8 सदस्यों के नाम लिखे हुए है। तीन लोगों का फर्जी तरीके से करीब दो साल तक गेंहू उठाया गया। इस पर विभाग के उच्च स्तर से अधिकारी से पूछताछ की गई तो पूरा मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच के बाद ऐसे कई बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के मामले सामने आए, तो प्रदेशभर में राशनकार्ड जांच अभियान शुरू किया गया।

32 जिलों में हो रही जांच

जानकारी के अनुसार अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भरतपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा, बूंदी, चूरू, चितौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमन्द, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर आदि 32 जिलों में जांच शुरू की गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 33 जिले है, इनमें 32 जिलों में फर्जी राशन कार्ड बनने की बात सामने आने पर विभाग सक्रिय हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि कुछ जगह राशन कार्ड में फर्जी नाम लिखे गए है, तो कुछ कार्ड में परिवार के सदस्यों की संख्या से अधिक नाम लिखें हुए हैं। वहीं कुछ जगह भगवान अथवा जानवर कर नाम लिख दिए गए।

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