भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर होगा अयोध्या का राम मंदिर

0
129
अयोध्या का राम मंदिर

अयोध्या। 5 अगस्त को अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भूमिपूजन होने जा रहा है। अभी मंदिर के मॉडल के मुताबिक यह 67 एकड़ क्षेत्र का है। लेकिन रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस बात की योजना बना रहा है कि मंदिर का क्षेत्र 108 एकड़ हो। अगर ऐसा हुआ तो यह मंदिर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा मंदिर हो जाएगा। दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर कम्बोडिया का अंगकोरवाट है, इसका क्षेत्रफल 402 एकड़ है। भारत का सबसे बड़ा मन्दिर तमिलनाडु के श्रीरंगनाथ स्वामी का मंदिर है, जो 156 एकड़ में फैला हुआ है।

अगर यह मंदिर वर्तमान प्रस्तावित भूमि 67 एकड़ भूमि पर बनता है तो यह दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा मंदिर होगा। 5 अगस्त के भूमिपूजन के साथ मंदिर का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। यह उम्मीद है कि अगले 3 साल में यह मंदिर पूरा हो जाएगा। भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है लेकिन सबसे 10 बड़े मंदिरों में से 4 मंदिर विदेशी भूमि पर है। दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर कम्बोडिया का अंगकोरवाट है। कुछ धर्म गुरुओं ने इसकी तर्ज पर राम मंदिर बनाने की मांग की है। दुनिया के सबसे बड़े मंदिर एक कम्बोडिया, एक अमेरिका और दो इंडोनेशिया में है।

जानिए क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया के 5 सबसे बड़े मंदिर

1. अंगकोरवाट मंदिर – क्षेत्रफल की दृष्टि से कम्बोडिया का अंगकोरवाट मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है। इसका निर्माण 12वीं शताब्दी के राजा सूर्यवर्मन द्वितीय ने करवाया था।

2. स्वामीनारायण अक्षरधाम – यह मंदिर नार्थ अमेरिका के न्यू जर्सी में यह मंदिर स्वामीनारायण संस्था द्वारा बनाया गया है। ये मंदिर 2014 में दर्शनार्थियों के लिए खोल गया था।

3. श्रीरंगनाथ स्वामी मंदिर – यह मंदिर भारत के तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में स्थित है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह भारत का सबसे बड़ा मंदिर है। भगवान विष्णु का यह मंदिर एक शहर की तरह है, जिसका निर्माण 8-9वीं शताब्दी के आसपास इसका निर्माण हुआ था।

4. श्रीराम मंदिर – उत्तरप्रदेश के अयोध्या में 5 अगस्त को इस मंदिर का भूमिपूजन होने जा रहा है। यह मंदिर करीब 108 एकड़ भूमि पर बनाया जाना प्रस्तावित है। यह क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया का चौथा और भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर होगा।

5. छतरपुर मंदिर – राजधानी नई दिल्ली में इस मंदिर का निर्माण 1974 में संत नागपाल ने यह मंदिर बनाया था। यह मंदिर पूरी तरह से संगमरमर से बना हुआ है। यह देवी दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here